और प्रेरणा के स्रोत बन गए नेत्रहीन विद्यार्थी -सुंदरकांड से एकत्रित राशि को मंदिर निर्माण में की समर्पित…

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ग्वालियर। सत्कर्म के संकल्प हमेशा फलीभूत होते हैं फिर संकल्प अटल हो तो परिस्थितियां कैसी भी हों, समाधान जरूर मिलता है। हम बात कर रहे हैं तिकोनिया बस्ती मुरार स्थित नेत्रहीन विद्यालयीन विद्यार्थियों की, जिन्होंने प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण के लिए सहयोग राशि देने की उत्कट इच्छा जताई थी। आय के साधन नहीं, ले-देकर सुंदरकांड पाठ से जो भी पैसा मिल जाता है, उसी से इनका गुजारा चलता है। 26 जनवरी को इन विद्यार्थियों ने मंदिर में दान देने की इच्छा जताई तो संयोग से उस दिन चार घरों से सुंदरकांड पाठ करने का बुलावा आ गया। इससे 6231 रुपए मिले तो नेत्रहीन विद्यार्थियों ने निधि समर्पण हेतु राशि समर्पित कर दी।
समर्थ व्यक्ति जब सामाजिक कार्यों में कोई भूमिका निभाता है तो इसे सामान्य बात मानी जाती है लेकिन असमर्थ व्यक्ति जब ऐसे कार्य करते हैं तो वे समाज के लिए प्रेरणास्रोत बन जाते हैं। नेत्रहीन विद्याार्थिर्यों का कहना है कि लंबे संघर्ष के बाद यह शुभ अवसर आया है, ऐसे में वे इस निधि समर्पण अभियान का हिस्सा बनकर खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। ईश्वर सत्कर्मों की प्रेरणा देता है, उन्हें और काम मिलेगा तो वे और राशि दान देने के लिए समर्पित हैं।
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सर्व समाज कर रहा समर्पण
निधि समर्पण का कार्य अनवरत जारी है। टोलियों के साथ-साथ सामाजिक कार्यकर्ता बस्तियों एवं प्रबुद्धजनों के यहां पहुंचकर निधि संग्रह करने का आग्रह कर रहे हैं। बुधवार को महानगर निधि संग्रह समिति के अध्यक्ष राजेन्द्र बांदिल, विजय गुप्ता, यशवंत इंदापुरकर, डॉ. जगजीत नामधारी, अशोक पाठक, विजय दीक्षित, कमल जैन, नवनीत शर्मा, नवल किशोर शुक्ला सहित अन्य वरिष्ठजनों के मार्गदर्शन में टोलियां ने प्रबुद्धजनों के यहां पहुंचकर निधि संग्रह किया। इस दौरान डॉ. बीएल शर्मा, सुधीर चतुर्वेदी, अभिषेक भदौरिया सहित कई स्थानों पर आमजन ने निधि समर्पित कर राम मंदिर निर्माण में सहभागी बने।

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