महिलाओं की सुरक्षा के लिए कंट्रोल कमांड सेंटर की स्थापना.. ट्रांसपोर्ट कमिश्नर मुकेश जैन की पहल..

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ग्वालियर. यात्रा के दौरान महिला सुरक्षा हेतु, परिवहन विभाग मध्यप्रदेश द्वारा कमांड कन्ट्रोल सेन्टर की स्थापना सार्वजनिक परिवहन के साधनों जैसे बस] टैक्सी] कैब में यात्रा करते समय] महिलाओं एवं बच्चियों की सुरक्षा एक चिन्ता का विषय है । इस संबंध में परिवहन विभाग द्वारा प्रत्येक सार्वजनिक परिवहन यानों में व्हीकल लोकेशन ट्रेकिंग डिवाइस तथा इमरजेन्सी बटन लगाने की अनिवार्यता की गई है । जिससे किसी अप्रिय स्थिति में तत्काल सूचना संबधित विभागों पुलिस] परिवहन को प्राप्त होगी एवं तत्काल कार्यवाही की जा सकेगी । वाहनों में स्थापित किये जाने वाली व्हीकल ट्रेकिंग डिवाइस A 140 मानकों के अनुरूप होने चाहिए । परिवहन विभाग द्वारा इन अलर्ट एवं सूचनाओं के लिए अत्याधुनिक मॉनिटरिंग (कमांड कन्ट्रोल) सेन्टर स्थापित किया जा रहा है] जिसका इन्टीग्रेशन सीधा स्टेट इमरजेन्सी रिस्पांस सिस्टम के साथ होगा ।

इस मॉनिटरिंग सेन्टर की स्थापना के लिये निर्भया फन्ड के अंतर्गत कुल व्यय का 60 प्रतिशत की सहायता केन्द्रीय सरकार द्वारा उपलब्ध करायी जा रही है । शेष 40 प्रतिशत राशि का व्यय मध्यप्रदेश शासन द्वारा किया जावेगा । कमांड कन्ट्रोल सेन्टर स्थापित करने में कुल लागत 15.40 करोड रू है जिसमें से रू 9.24 करोड केन्द्र शासन द्वारा निर्भया फण्ड से सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के माध्यम से उपलब्ध कराये जा रहे है । शेष 6.16 करोड़ रूपये की राशि का व्यय मध्यप्रदेश शासन द्वारा परिवहन विभाग के माध्यम से किया जावेगा । कमांड कन्ट्रोल सेन्टर में प्राप्त सूचनाओं / अलर्ट को तत्काल ही पुलिस एवं अन्य एजेसीयों के साथ साझा किया जावेगा जिससे तत्काल कार्यवाही की जा सकेगी एवं साथ ही साथ हैल्पडेस्क सुविधा से महिलाओं / बच्चियों द्वारा यात्रा करते समय किसी भी प्रकार के जानकारी प्राप्त की जा सकेगी । इसके अतिरिक्त वाहन मालिक अपनी गाड़ी की रियल टायम लोकेशन जान सकेगे । परिवहन अधिकारी वाहन को जारी परमिट से भिन्न रूट पर वाहन के संचालन करने , समय चक के उल्लंघन पर कार्यवाही कर सकेगें । कमांड कन्ट्रोल सेन्टर में सभी वाहनों का रियल टाइम लोकेशन , जियो फेनसिंग , रियल टाइम प्लोटिंग तथा कई अन्य मैप आधारित टूल्स उपलब्ध रहेंगे जिनके प्रयोग से तत्काल सहायता पहुचाना संभव रहेगा । कमांड कन्ट्रोल सेन्टर में अलग – अलग प्रकार के ऑटोमेटिक अलर्ट प्राप्त हो सकेंगे । इमरजेंसी अलर्ट – किसी आकस्मिक अप्रिय स्थिति में इस प्रकार के अलर्ट कमांड कन्ट्रोल सेन्टर को मिलेंगे ।

मप्र के परिवहन आयुक्त मुकेश जैन ने बताया कंट्रोल सेंटर की स्थापना से आम जनता को होने वाले से कमाण्ड कंट्रोल सेंटर मील का पत्थ्र साबित होगा। वाहनों के निर्धारित गति से अधिक पर वाहनों को चलाने की स्थिति में इस प्रकार के अलर्ट कमाण्ड कंट्रोल सेंटर को मिलेंगे। सुरक्षित यात्रा को इन अलर्ट के माध्यम से सुनिश्चित किया जा सकेगा।
वाहनों के निर्धारित रूट -नगरनिगम क्षेत्र सीमा आदि से अलग चलने की स्थिति में इस प्रकार के अलर्ट कमाण्ड कंट्रोल सेंटर को मिलेंगे।
वाहनों में स्थापित व्हीकल ट्रेकिंग डिवाइस के साथ किसी छेडखानी अथवा पॉवर केवल को डिस्कनेक्ट करते ही इस प्रकार के अलर्ट में मिलेंगे।
कमाण्ड कंट्रोल सेंटर में 24 घंटे और 7 दिनों कर्मचारी तैनात रहेंगे। कमाण्ड कंट्रªोल सेंटर में 3 महीने का पूर्ण रिकॉर्ड ऑनलाइन सुरक्षित किया जायेगा तथा अलर्ट डाटा का 2 साल का रिकॉर्ड सुरक्षित किया जायेगा।
2 साल से अधिक का रिकॉर्ड आर्काइव के रूप में सुरक्षित किया जायेगा। परिवहन विभाग के इस्तेमाल के लिये व्हीकल ट्रेकिंग डिवाइस की इंस्टालेंशन रिपोर्ट डिवाइस अपटाइम रिपोर्ट, रूट रिपोर्ट, स्पीड वॉयलेशन रिपोर्ट एवं किसी वाहन मालिक की फ्लीट रिपोर्ट ऑनलाइन ही उपलब्ध रहेंगी।
कई एजेंसी भी इन रिपोर्ट्स का प्रयोग विभिन्न प्रक्रियाओं के लिये कर सकेगी। कमाण्ड कंट्रोल सेंटर की स्थापना के लिये 7 जनवरी को परिवहन विभाग एवं सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किये गये परिवहन विभाग की ओर से परिवहन आयुक्त मुकेश जैन द्वारा तथा सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर से सुदीप दता ने एमओयू पर हस्ताक्षर किये। जल्द ही कमांड कंट्रोल सेंटर होने वाली है इस लाभ आम नागरिकों के लिये मील का पत्थर साबित होगा।

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