प्रवासी पक्षियों की तरह वोट मांगने आ रहे कांग्रेस नेताओं को जनता देगी जवाबः सिंधिया*

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बमौरी, भांडेर, डबरा, ग्वालियर पूर्व विधानसभाओं में सभाओं को किया संबोधित…

ग्वालियर । प्रदेश के इतिहास में पहली बार 2018 में 34 में से 26 सीटें जीतकर दीं और सरकार बनवाई, लेकिन बड़े-छोटे भाई ने ग्वालियर-चंबल अंचल से विकास और प्रगति को दूर रख दिया।
इस जोड़ी को रोकने के काम ज्योतिरादित्य सिंधिया ने किया है। यही नहीं अब तो कमलनाथ ने श्रीमती इमरती देवी को अपशब्द कहे। अब इसका बदला तीन नवंबर को जनता इस गद्दारी का बदला लेगी और अंचल से कांग्रेस का बोरिया-बिस्तर हमेशा के लिए बांधकर रवाना कर देगी। उन्होंने सवाल उठाया कि मुन्नालाल गोयल और वे स्वयं तो ग्वालियर के हैं, लेकिन कमलनाथ कहां के हैं।

यह बात मंगलवार को नाका चंद्रवदनी में आयोजित भाजपा कार्यकर्ता सम्मेलन में राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कही। श्री सिंधिया ने कहा कि छोटे व बड़े भाई ने पूरे मध्य प्रदेश के साथ वादाखिलाफी की। जिस ग्वालियर-चंबल ने पहली बार 26 सीटें देकर कांग्रेस सरकार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, उसी इलाके को विकास से दूर कर दिया। इतिहास गवाह है कि पूज्य दादी जी, अम्मा जी महाराज (राजमाता विजयाराजे सिंधिया) ने विकास नहीं करने वाली डीपी मिश्रा सरकार को गिरा दिया।
जब कांग्रेस ने पूज्य पिताजी माधवराव जी को ललकारा तो उन्होंने विकास कांग्रेस बनाकर उसका करारा जबाव दिया।
अब विकास और वादाखिलाफी करने वाले छोटे-बड़े भाई (कमलनाथ और दिग्विजय सिंह) को रोकने का काम ज्योतिरादित्य सिंधिया ने किया है। जब कांग्रेस ने जनता से गद्दारी की तो सिंधिया सड़क पर उतर गया। अब तो हद ही कर दी। कमलनाथ जी ने श्रीमती इमरती देवी को अपशब्द कहे। एक दलित महिला का अपमान किया। इस अपमान का बदला तीन नवंबर को ग्वालियर-चंबल संभाग का जनता लेगी और कांग्रेस का दरवाजा हमेशा के लिए बंद हो जाएगा।

विकास की पिक्चर अभी बाकी है
उन्होंने कहा कि श्री शिवराज जी ने ग्वालियर पूर्व क्षेत्र के विकास में धन की कमी नहीं आने दी, मुरार नदी प्रोजेक्ट और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का काम शुरु हो गया और यह तो विकास का ट्रेलर है, पिक्चर अभी बाकी है। श्री गोयल ने विकास के लिए कुर्बानी दी, लेकिन उन्हें गद्दार कहा जा रहा है, जबकि एक पार्षद भी अपनी कुर्सी आसानी से नहीं छोड़ता है।
अब विकास के दुश्मनों और प्रगति के बाधक गद्दारों को 3 नवंबर को हमेशा के लिए रवाना करना है।
प्रवासी पक्षियों की तरह वोट मांगने आ रहे कांग्रेस नेताओं को जनता देगी जवाब
कांग्रेस की तरफ से जो लोग अब वोट मांगने के लिए आ रहे हैं, वो प्रवासी पक्षियों की तरह हैं। उन्होंने कभी इस क्षेत्र के विकास के बारे में नहीं सोचा। जो कमलनाथ मुख्यमंत्री रहते कभी इस क्षेत्र में नहीं आए, वो अब वोट मांगने के लिए आ रहे हैं। लेकिन जनता इन प्रवासी पक्षियों को अच्छे से पहचानती है और आने वाले चुनाव में इस क्षेत्र की जनता ही उन्हें जवाब देगी।
यह बात भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता व सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंगलवार को बमौरी विधानसभा के तखनेरा, बड़ा मलहरा के धुवारा, भांडेर के उनाव, डबरा के छीमक और बिलौआ तथा ग्वालियर पूर्व के चंद्रबदनी नाका में सभाओं को संबोधित करते हुए कही।

देश को संदेश देना है, बहन-बेटी का अपमान बर्दाश्त नहीं..
श्री सिंधिया ने कहा कि मेरा जन्म इसी माटी में हुआ, बहन इमरती देवी का जन्म यहीं हुआ, ये कमलनाथ कहां से आ गए? उन्होंने कहा कि एक परदेशी बाबू आपकी-मेरी धरती पर आए और हमारी बहन-बेटी इमरती देवी को बेइज्जत करे, यह हम बर्दाश्त नहीं करेंगे। बाहर से आकर यहां की माटी का अपमान करने वालों का हमें तीन तारीख को हिसाब करना ही पड़ेगा। उन्होंने कहा कि इमरती देवी आपकी बेटी है, बहू है, आपके घर की लाज है। इसे आपने ही आशीर्वाद दिया और पंच, विधायक और मंत्री बनाया। श्री सिंधिया ने कहा कि सिर्फ कमलनाथ ने ही इन्हें बेइज्जत नहीं किया, कांग्रेस एक और नेता अजयसिंह कहते हैं कि इस इमरती को चुनाव के बाद जलेबी बनाना है। श्री सिंधिया ने कहा कि ये साधारण चुनाव नहीं है, बल्कि इस क्षेत्र की माटी के सम्मान और स्वाभिमान का चुनाव है। इस चुनाव से हमें पूरे देश को यह संदेश देना है कि यहां की धरती बहन-बेटी के अपमान को बर्दाश्त नहीं करती और अपमान करने वालों को छोड़ती भी नहीं है।

जनता की सेवा ही राजनीति का उद्देश्य
वरिष्ठ नेता एवं सांसद श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि लोग पद और सम्मान पाने के लिए राजनीति करते हैं, लेकिन उनका यह उद्देश्य नहीं है। उनके लिए जनता की सेवा ही प्रमुख उद्देश्य रहा है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता के साथ उनके राजनीतिक नहीं, बल्कि पारिवारिक रिश्ते रहे हैं और अपने 20 सालों के राजनीतिक जीवन में उन्होंने विकास और जनता की खुशहाली के लिए हरसंभव प्रयास किए हैं। बात चाहे नेशनल हाईवे की हो या गांव की सड़कों की, मोबाइल टावर की हो या बिजली के ट्रांसफार्मर की, उन्होंने जनता को हर सुविधा उपलब्ध कराने में कोई कसर नहीं छोड़ी। श्री सिंधिया ने कहा कि विकास के ये प्रयास आगे भी जारी रहेंगे।
कमलनाथ सरकार ने लॉक कर दी जनहित की योजनाएं
श्री सिंधिया ने कहा कि कमलनाथ सरकार के समय जब भी कोई जनप्रतिनिधि विकास की बात करता, तो उनका एक ही जवाब होता था, पैसे नहीं हैं। उन्होंने कहा कि कमलनाथ सरकार ने शिवराज जी की सरकार द्वारा शुरू की गई जनहित की योजनाओं को लॉक कर दिया था। लेकिन फिर से शिवराज जी के मुख्यमंत्री बनते ही इन योजनाओं को फिर अनलॉक कर दिया गया है। उन्होंने बमौरी का उदाहरण देते हुए कहा कि तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ग्वारखेड़ा बांध के लिए मना कर दिया था, लेकिन मैंने और शिवराज जी ने लोगों की खुशी के लिए वही बांध मंजूर कर दिया। उन्होंने कहा कि इसी तरह बमौरी क्षेत्र में शुद्ध पेयजल के लिए 497 करोड़ की योजना मंजूर कर दी गई है, जिसका पानी गोपीकृष्ण सागर बांध से गांव-गांव में जाएगा।
जनता का अपमान करने वालों को सबक सिखाया
सिंधिया ने कहा कि कमलनाथ और दिग्विजय सिंह बड़ा भाई-छोटा भाई हैं। चुनाव के समय बड़ा भाई पर्दे के पीछे हो जाता है। सत्ता आने के बाद एक कुर्सी पर बैठता है और दूसरा पर्दे के पीछे से सरकार चलाता है। उन्होंने कहा कि उन पर गरीब जनता के लिए पैसा नही होता, लेकिन खुद करोड़ों, अरबों रुपए कमाते हैं। श्री सिंधिया ने कहा कि जनता से वादाखिलाफी करने वालों को सिंधिया परिवार कभी नहीं छोड़ता। 50 साल पहले जनता का अपमान करने वाली डी.पी.मिश्रा की सरकार को मेरी दादी ने गिराया था, और अब जनता से वादाखिलाफी करने वाली, उसका अपमान करने वाली कमलनाथ सरकार को मैंने धूल चटाई है, सबक सिखाया है।…

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