खबरों का ‘मिक्सवेज’

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आप रोज पढ़ते हैं और मै रोज लिखता हों.अपनी-अपनी लतें हैं .ये लतें या कहिये आदतें बरकरार रहें इसके लिए मै हर दिन कुछ न कुछ हटकर काम करता हूँ .आज देश-दुनिया में तमाम खबरें हैं लेकिन इन सबके बारे में लिखने की सामर्थ मुझ जैसे छोटे और सड़कछाप लेखक में नहीं है .लेकिन मै हार नहीं मानता.आज भी आपके लिए लिख रहा हूँ और आज का शीर्षक है -‘खबरों का मिक्सवेज ‘.
खबरों का मिक्सवेज होता नहीं है लेकिन मै बना रहा हूँ.स्वाद जो बदलना है. मै स्वांत:सुखाय लिखता हूँ ,आप सभी मित्र पाठक बनकर इसमने शामिल होकर मेरे सुख को द्विगुणित करते हैं .यही सत्संग मेरी प्रेरणा का स्रोत होता है .इसे अपनाकर,स्थान देकर अनेक समाचार पत्र और समाचार साइटें मुझे ऊर्जा देतीं हैं,हर रोज लिखने की .हर रोज लिखने से झोल कभी गाढ़ा तो कभी पतला हो जाता है खबरों का .आज भी कुछ न कुछ अलग ही है .आज की खबरों में देश के आंदोलनरत किसान हैं तो उन्हें छकाती हुई सरकार भी है .बातचीत का बेनतीजा होना है तो दिल्ली को जाम करने की कोशिशें भी हैं .
दरअसल खबरें न रुकने वाला सिलसिला हैं. ये सिलसिला रुक जाये,थम जाये तो जीवन नीरस हो जाये,लेकिन ऊपरवाला ऐसा होने नहीं देता .हर रोज कुछ न कुछ ऐसा करता है की पूरी दुनिया उसमें उलझी रहती है .जीवन में ये उलझन ही गति का आधार है .अब देखिये न किसानों से अलग जेएनयू की पूर्व छात्र नेता शेहला रशीद अपने पिता से उलझ रही है .बाप-बेटी एक -दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं .आप चाहें तो इस खबर से भी रसरंजन कर सकते हैं. खबरें होती ही इसीलिए हैं .
खबरों की अपनी दुनिया होती है,जैसे हमारी सरकार भले ही किसानों को जबाब न दे रही हो लेकिन अरुणाचल प्रदेश में एक बड़ा बाँध बनाकर चीन को जबाब देने की तैयारी कर रही है ,पर इस पर बात के लिए गुंजाइश ही नहीं निकल रही .खबरों की खिचड़ी में आप सनी देओल को शामिल कर सकते हैं,वे कोरोना से संक्रमित हैं लेकिन सुर्ख़ियों में नहीं आ पाए ,अब महाराष्ट्र सरकार उन्हें मुम्बई में घुसने भी देगी या नहीं ,ये खबर हो सकती है .सनी भाजपा के सांसद भी तो हैं न !
खबरों की मिक्सवेज में आप कोई भी खबर इस्तेमाल कर सकते हैं.जैसे कृषिमंत्री ने किसानों को चाय पर न्यौता दिया तो किसानों ने बदले में उन्हें जलेबी पर न्यौता दे दिया.इसे कहते हैं नहले पर दहला मारना .अब ये सब खबरें आपको एक जगह तो मिलने से रहीं .चाय और जलेबी से हटकर एक खबर सिरडी से आती है.वहां साईँ बाबा मंदिर ट्रस्ट ने भक्तों से देसी ड्रेसकोड में आने का आग्रह किया है .अमां यार अब ये ड्रेसकोड अभी थोपने की क्या जरूरत थी ?लेकिन होगी ,तभी तो ड्रेसकोड की बात कही गयी है. अब फिर नागरिक स्वतंत्रता का मुद्दा गरमा सकता है .खबरों के मिक्सवेज में रेलें भी शामिल की जा सकतीं हैं. भारत में रेलें वैसे ही बेपटरी हैं ऊपर से किसान आंदोलन ने उनके रुट बदलवा दिए हैं.घर से निकलें तो कृपाकर बदले हुए रुट की जानकारी जरूर ले लीजिये
देश से बाहर देखें तो खबरें ही खबरें हैं. नार्थ कोरिया का तानाशाह किम जोंग कोरोना से इतना भयभीत है की उस बेचारे ने चीन में बना एक टीका लगवा लिया,हालाँकि अभी इस टीके को आधिकारिक एप्रूव्हल नहीं मिला था .अब डर तो डर है .इसी डर के मारे अपने उड़नछू प्रधानमंत्री आठ महीने से देश के बाहर नहीं गए,अन्यथा उनके तो पांव में भौंरा था .खबरों में एक खबरे ईरानी वैज्ञानिक की हत्या के लिए उपग्रह संचालित हथियार के इस्तेमाल की थी.ये हथियार इजराइल ने बनाया था .इस खतरनाक खबर पर अभी बहस होना बाक़ी है .क्या आने वाले दिनों में हमलों के लिए उपग्रहों का इस्तेमाल भी मुमकिन ही ?
खबरों की दुनिया में चीन हमेशा मौजूद रहता ही है. चीन ने अब चाँद पर अपना एक और उपग्रह उतार दिया है. चीन का अपना मिशन है .इसे जान्ने के लिए आपको सब्र करना पडेगा .आज की मिक्सवेज में अभी सीमित सूचना ही शामिल की जा सकेगी . निर्ममता खबरों का दूसरा पहलू है. अब देखिये न नाइजीरिया में बोको हरम ने 110 मजूरों की सामूहिक हत्या कर दी ,लेकिन पूरी दुनिया मौन है.मानवाधिकारों की बात करने वाले किसी संगठन को इस मुद्दे पर मुंह खोलने और मोमबत्ती जलाने की फुरसत नहीं है .इस मामले में हम सब चूजी हैं .
खबरों के मिक्सवेज में छोंक-बघार लगाने के लिए हम आपको बाजार ले चलते हैं. सूना है की अब बर्गर किंग बाजार में अपना आईपीओ लेकर आ रहा है.यदि आपके पास अतिरिक्त पैसा है तो इस आईपीओ में लगाइये और मुनाफ़ा कमाइए .बाजार की ही खबर है की देस्ग में सोना-चांदी सस्ता हो गया है .तो खरीद लीजिये टोला,दो टोला सोना,किलो ,दो किलो चांदी .आप राहत महसूस करना चाहें तो पेट्रोल-डीजल के भावों में बढ़ोतरी न होने की खबर पढ़ सकते हैं और रंज मानना चाहें तो आपके लिए खबर है की वोडाफोन और आईडिया ने अपने किराये फिर बढ़ा दिए हैं .
खबरें होती ही ऐसी हैं की वे आपको चाहें तो हंसा दें और चाहें तो रुला दें.अब अपने उदितनारायण को ही देखिये वे अपने बेटे के वियवाह में झूम कर नाच रहे हैं तो दूसरी तरफ भारती और हर्ष परेशान हैं .कहने का मतलब ये है की यदि आप सुखी रहना चाहते हैं तो कभी-कभी खबरों की दुनिया से अपने आपको सप्रयास दूर करने की आदत भी डालिये अन्यथा सूट न कपास और जुलाहों में लठ्ठम-लठ्ठ होता ही रहेगा .उम्मीद है की आजका खरों का मिक्सवेज आपका स्वाद बदलने में कुछ न कुछ सहायता अवश्य करेगा.

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