इलेक्ट्रोनिक मीडिया पर चुनाव-प्रचार संबंधी कार्यक्रम व क्लिपिंग इत्यादि प्रसारित करने के लिये पूर्व अनुमति लेनी होगी।

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इलेक्ट्रोनिक मीडिया पर चुनाव-प्रचार संबंधी कार्यक्रम व क्लिपिंग इत्यादि प्रसारित करने के लिये पूर्व अनुमति लेनी होगी। इसके लिये राजनैतिक दलों और प्रत्याशियों को मूल स्क्रिप्ट सहित सम्पूर्ण प्रचार सामग्री की कैसेट जिला निर्वाचन अधिकारी को दिखानी होगी। उक्त आशय की जानकारी कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने मीडिया अनुवीक्षण एवं प्रमाणन समिति (एमसीएमसी) की बैठक में दी।
शनिवार को यहाँ कलेक्ट्रेट के सभाकक्ष में आयोजित हुई बैठक में Collector Gwalior श्री सिंह ने कहा कि मूल स्क्रिप्ट सहित सम्पूर्ण चुनाव प्रचार सामग्री की बारीकी से जाँच करने के बाद ही इलेक्ट्रोनिक मीडिया से चुनावी प्रचार संबंधी कार्यक्रम व विज्ञापन पट्टियाँ प्रसारित करने की अनुमति दी जायेगी। इस जाँच में खासतौर पर यह देखा जायेगा कि इस प्रचार-प्रसार से आचार संहिता का उल्लंघन तो नहीं हो रहा।
कलेक्टर श्री सिंह ने एमसीएमसी की जिला स्तरीय समिति के सभी सदस्यों से कहा कि भारत निर्वाचन आयोग ने “पेड न्यूज” पर बारीकी से ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। एमसीएमसी ही पेड न्यूज के संबंध में निर्णय लेगी। इसके लिये जिला निर्वाचन कार्यालय द्वारा पृथक से मीडिया सेंटर स्थापित किया जा रहा है, जिसके जरिए 24 घण्टे इलेक्ट्रोनिक मीडिया और प्रिंट मीडिया द्वारा प्रसारित होने वाली खबरों की गहन छानबीन की जायेगी। पेड न्यूज साबित होने पर संबंधित राजनैतिक दल प्रत्याशी के निर्वाचन व्यय में पेड न्यूज प्रकाशन पर हुआ खर्च जोड़ा जायेगा। जिला स्तरीय एमसीएमसी के निर्णय से संतुष्ट न होने पर अभ्यर्थी राज्य स्तरीय एमसीएमसी में अपील कर सकेंगे।
बैठक में अपर कलेक्टर एवं नोडल अधिकारी एमसीएमसी श्री किशोर कान्याल, समिति के सदस्य सचिव एवं अपर संचालक जनसंपर्क श्री जी एस मौर्य एवं सदस्यगण सर्वश्री राजेश शर्मा, विनोद शर्मा व श्री सुनील पाठक मौजूद थे।

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