हाल ही में स्मार्ट सिटी के इन विकास कार्यों का किया गया लोकापर्ण एवं भूमिपूजन इन कार्यो का हुआ लोकापर्ण

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टाउन हॉल जीणोद्धार: महाराज बाडा स्थित टाउन हॉल का 81 लाख रुपये की लागत से आधुनिकीकरण किया गया है। टाउन हाँल के अंदरुनी भाग को पूर्ण वातानुकुलित बनाने के साथ ही इसकी सीटिंग व्यवस्था और इसके मंच को अत्याधुनिक तरीके से संवारा गया है, वही इसमे अत्याधुनिक साउंड सिस्टम, लाइटिंग की भी व्यवस्था की गई है।
ड्रीमहेचर इंक्यूवेशन सेंटर: स्मार्ट सिटी के कंट्रोल कमांड सेंटर में 1.75 करोड रुपये की लागत से इंक्यूवेशन सेंटर को तैयार किया गया है। शहर के ऐसे प्रगतिशील युवा जिनके पास बेहतर आईडियाज तो हैं लेकिन आर्थिक एवं अन्य अभावों के कारण वह स्वयं को खडा नहीं कर पा रहे हैं। उनके लिये ग्वालियर स्मार्ट सिटी द्वारा इंक्युबेशन सेंटर “ड्रीम हैचर“ के माध्यम से अत्याधुनिक सुविधाओ के द्वारा शहर के स्टार्टअप्स को परीक्षण, सलाह तथा एक पटल प्रदान किया जा रहा है।

कारीगर कौशल विकास केन्द्र का जीणोद्धार: ग्वालियर स्मार्ट सिटी द्वारा मोतीमहल स्थित रीजनल आर्ट एंड क्राफ्ट सेंटर को नए सिरे से 53.62 लाख रुपये की लागत से संवारा गया है। रीजनल आर्ट एंड क्राफ्ट सेंटर पर स्टोन और वुडन कट्टर मशीनो को लगाने के साथ ही यहाँ पूरे परिसर पर कलाकारो की सुविधानुसार सेंटर को विकसित किया गया है, ताकि इस सेंटर पर क्षेत्रीय कला और कलाकारो को बेहतर माहौल प्राप्त हो सके।
छत्री खेल मैदान का पुर्नविकास: महाराज बाडा स्थित छत्री मैदान का 1.88 करोड रुपये की लागत से पुर्नविकास किया गया है। इस खेल मैदान में खिलाडियो के लिये अत्याधुनिक सुविधाये मुहाया करायी गई है। खेल मैदान में हॉकी खेल मैदान, अत्याधुनिक छायादार बैठक व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था, खिलाड़ियों के लिये चेजिग रुम इत्यादी की सुविधा।
इन महत्वपूर्ण परियोजनाओ का किया गया भूमिपूजन
एकीकृत स्मार्ट रोड : इस परियोजना के अंतर्गत 299.95 करोड रुपये की लागत से ग्वालियर शहर में 15.62 किलोमीटर की स्मार्ट रोड परियोजना क्रियांवित की जायेगी। इस परियोजना के तहत अत्याधुनिक स्मार्ट रोड के साथ साथ महाराज बाडा क्षेत्र में मल्टीलेवल पार्किंग सहीत कई कार्य किये जाने प्रस्तावित है।
एलईडी स्मार्ट स्ट्रीट लाईट – 26.40 करोड रुपये की लागत से स्मार्ट सिटी द्वारा सरकारी संस्था ईईएसएल के साथ मिलकर इस प्रोजेक्ट के तहत शहर की सभी सडकों को स्मार्ट एलईडी द्वारा परिवर्तित किया जाएगा। जिसका माँनीटरिंग सिस्टम स्मार्ट सिटी के कंट्रोल कमांड सेंन्टर से जोडा जाएगा। इस परियोजना से कई तरह के लाभ होगें। जिसमें बिजली खपत कम होगी तथा बिजली के बिलों में 50 प्रतिशत तक की कमी आएगी। साथ ही इन एलईडी लाइटों के रख रखाव और संचालन को भी केन्द्रीय पद्वति से संचालित किया जा सकेगा। इन लाइटों की लाइफ़ लगभग 7 से 8 वर्ष की रहती है। एकीकृत कमांड कंट्रोल सेंटर से नियंत्रित होने के कारण दैनिक समस्याओं से छुटकारा भी मिलेगा।
33 केवी जीआईएस सब स्टेशन : 13.57 करोड रुपये की लागत की इस परियोजना के तहत 33 केवी जीआईएस (गैस इंसुलेटेड स्विचबोर्ड) आधारित सबस्टेशन को अपग्रेड किया जायेगा। जीआईएस सब स्टेशन साधारण सबस्टेशनों की तुलना में बहुत कम स्थान (1/10 वां) घेरता है। इससे महाराज बाडा क्षेत्र में प्रस्तावित पैदल मार्ग परियोजना के लिए खुला स्थान उपलब्ध हो सकेगा। जीआईएस सब स्टेशन एयर इंसुलेटेड सब्स्टेशंस की तुलना में विश्वसनीय होता है, और फॉल्ट के कारण आउटेज की संख्या कम होती है साथ ही रखरखाव मुक्त होता है।

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