आचार्य प्रमोद कृष्णन का फिर विवादित बयान..महाभारत प्रसंग से मतदाताओ को समझाया मप्र में क्या रहा है…

0
17

महाभारत में एक प्रसंग आता है द्रोपदी के चीरहरण का..दौपदी के चीरहरण में दो व्यक्ति मुख्य थे एक था दुशासन एक था दुर्योधन। दुशासन साड़ी खींच रहा था।.. क्योंकि दुर्योधन का हुक्म था। वह द्रोपदी को निःवस्त्र देखना चाहता था। उस सभा मे एक से बढ़कर एक धनुषधर उपस्थित थे लेकिन सभी मोन थे। अब जब तक पृथ्वी रहेगी वह सब अपराधी माने जाएंगे। अपराधी वह नही होता जो अपराध करता है अपराधी वह भी माना जाता है जो खामोश रहकर तमाशा देखते है। आप सब जनता भी अपराधी मानी जायेगी।
– यह कलयुग के दुर्योधन ओर दुशासन कोन है। आप सब जानते है।
– जनता के विश्वास को तोड़ने के अपराधी है सब।
– सवाल विधायक य्या मुख्यमंत्री बनाने का नही है। सवाल अस्मिता का है।
– मप्र की राजीनीति की लोग सोगन्ध खाते है लेकिन आज पूरे देश मे मप्र कलंकित हो गया।
– अरे नालायको, अधर्मियों बिकना था तो ग्वालियर में बिक जाते , भोपाल में बिक जाते। बेगलोग जाकर क्यों बिके। अब वही से वोट लेकर आओ।
– में कोई साधु महात्मा नही हु में सत्य को जीता हूं
– कमलनाथ ने क्या किया राजा ने क्या किया, शिवराज ने क्या किया, महाराजा ने क्या किया यह सब आप जानते हो। विगत 15 दिन से सभी नेता यही बता रहे है।
– एक दिन सचिन पायलट देश के प्रधानमंत्री होंगे..
– चम्बल का बागी जब इस मिट्टी को माथे से लगा लेता था तो सिंद्धान्तों को तिलांजलि नही देता था..
– चम्बल को जिन्होंने कलंकित किया है उन्हें कभी माफ नही करना चाहिए
– एक साधु को वोट की भीख दो, राकेश को जिताओ बस..ओर कुछ नही चाहिए।।।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here